Banni Geet Lyrics In Hindi

Banni Geet Lyrics In Hindi
हिंदी लोक गीत बन्ना-बन्नी Hindi Lok Geet Banna-Banni

 

1. अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली

अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली
इनकी मनोहर जोड़ी लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली
बहना के घर में ये पहली ख़ुशी है
पहली ख़ुशी बड़ी देर से मिली है
सपना पूरा हुआ, मन की आशा फली
इनकी मनोहर जोड़ी लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली
दिन रंग भरे आएँगे, होगी हर रात दिवाली
संग ले के चली अपने घर, अब दिया जलाने वाली
प्यारे भैया ने पाई दुल्हन साँचे में ढली
इनकी मनोहर जोड़ी लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी, बन्नो चम्पे की कली

2. आज अँगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियाँ

आज अँगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियाँ -२
उसकी दादी ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके बाबा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन माछरिया

आज अँगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियाँ -२
उसकी ताई ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके ताऊ ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन माछरिया

आज अँगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियाँ -२
उसकी मम्मी ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके पापा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन माछरिया

आज अँगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियाँ -२
उसकी बुआ ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके फूफा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन माछरिया

आज अँगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियाँ -२
उसकी चाची ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके चाचा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन माछरिया

3. आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के बाबा बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की दादी बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के ताऊ बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की ताई बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के पापा बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की मम्मी बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के फूफा बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की बुआ बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के चाचा बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की चाची बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के जीजा बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की दीदी बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

आलू-मटर वाले ने, गलियों में जा के शोर किया रे
बन्नी के भईया बड़े कमाऊँ, भर भर दोने लाते है
बन्नी की भाभी बड़ी चटोरी, भर भर दोने खाती है
चाटा पत्ता फेंक दिया, गलियों में जा के शोर किया रे

4. आज तेरा श्रृंगार कराऊँ बन्ना रे

आज तेरा श्रृगार कराऊँ बन्ना रे
तोहे बांका-सा दुल्हा बनाऊँ बन्ना रे ।।

उबटन केसर करूँ, गंगाजल नीर भरूं।
तोहे मल मल के आज नहलाऊँ बन्ना रे

बाकी सी पगड़ी बाँधू, हीरे की कलंगी साँजू
तोहे केसरिया जामा पहनाऊ बन्ना रे ।।

नैनो मे कजरा साँजू हाथो मे कँगना बाँधू
तोहे पन्ने का हार पहनाऊ बन्ना रे ।।

जीवन मैं तोपै वारूं झोले भर मोती वारूं ।
तोंहे देख देख नैना रिझाऊ बन्ना रे ।।

आज तेरा श्रृगार कराऊँ बन्ना रे
तोहे बांका-सा दुल्हा बनाऊँ बन्ना रे ।।

5. आज म्हारे बन्ने ने धनुष उठा लिया

आज म्हारे बन्ने ने धनुष उठा लिया
बाबा संग जाईयो रे बन्ना ताऊ संग जाईयों
तोड़ धनुष सिया जानकी न ब्याह लाईयों
आज हमारे बन्ने धनुष उठा लिया

आज म्हारे बन्ने ने धनुष उठा लिया
पापा संग जाईयो रे बन्ना चाचा संग जाईयों
तोड़ धनुष सिया जानकी न ब्याह लाईयों
आज हमारे बन्ने धनुष उठा लिया

आज म्हारे बन्ने ने धनुष उठा लिया
फूफा संग जाईयो रे बन्ना मामा संग जाईयों
तोड़ धनुष सिया जानकी न ब्याह लाईयों
आज हमारे बन्ने धनुष उठा लिया

आज म्हारे बन्ने ने धनुष उठा लिया
भईया संग जाईयो रे बन्ना जीजा संग जाईयों
तोड़ धनुष सिया जानकी न ब्याह लाईयों
आज हमारे बन्ने धनुष उठा लिया

6. एक फुल खिल्या आधी रात

एक फुल खिल्या आधी रात बन्ने पकड़या हाथ
बन्नी तो हमारी है।
छोड़ो-छोड़ो बना जी मेरा हाथ अभी तो कुंवारी हुं
मेरे बाबा जी देंगे कन्यादान वो देंगे महादान
तभी तो तुम्हारी हूं
मेरे ताऊ जी देंगे कन्या दान वो देंगे महादान
तभी तो तुम्हारी हूं
एक फुल खिल्या आधी रात बन्ने ने पकड़या हाथ
बन्नी तो हमारी है।

एक फुल खिल्या आधी रात बन्ने पकड़या हाथ
बन्नी तो हमारी है।
छोड़ो-छोड़ो बना जी मेरा हाथ अभी तो कुंवारी हुं
मेरे पापा जी देंगे कन्यादान वो देंगे महादान
तभी तो तुम्हारी हूं
मेरे चाचा जी देंगे कन्या दान वो देंगे महादान
तभी तो तुम्हारी हूं
एक फुल खिल्या आधी रात बन्ने ने पकड़या हाथ
बन्नी तो हमारी है।

एक फुल खिल्या आधी रात बन्ने पकड़या हाथ
बन्नी तो हमारी है।
छोड़ो-छोड़ो बना जी मेरा हाथ अभी तो कुंवारी हुं
मेरे फूफा जी देंगे कन्यादान वो देंगे महादान
तभी तो तुम्हारी हूं
मेरे मामा जी देंगे कन्या दान वो देंगे महादान
तभी तो तुम्हारी हूं
एक फुल खिल्या आधी रात बन्ने ने पकड़या हाथ
बन्नी तो हमारी है।

7. इचक दाना बिचक दाना

इचक दाना बिचक दाना दाने ऊपर दाना इचक दाना……
छज्जे ऊपर बन्नी बैठी बन्ना है दिवाना इचक…
रोज सवेरे उठकर बन्ना गर्म समोसे लाता है
दादी को दिखला-दिखला कर बन्नी को खिलाता है
दादी के मुंह पानी आये कैसा है जमाना है इचक दाना…..
इचक दाना बिचक दाना दाने ऊपर दाना

इचक दाना बिचक दाना दाने ऊपर दाना इचक दाना……
छज्जे ऊपर बन्नी बैठी बन्ना है दिवाना इचक…
रोज सवेरे उठकर बन्ना गर्म समोसे लाता है
मम्मी को दिखला-दिखला कर बन्नी को खिलाता है
मम्मी के मुंह पानी आये कैसा है जमाना है इचक दाना…..
इचक दाना बिचक दाना दाने ऊपर दाना

इचक दाना बिचक दाना दाने ऊपर दाना इचक दाना……
छज्जे ऊपर बन्नी बैठी बन्ना है दिवाना इचक…
रोज सवेरे उठकर बन्ना गर्म समोसे लाता है
भाभी को दिखला-दिखला कर बन्नी को खिलाता है
भाभी के मुंह पानी आये कैसा है जमाना है इचक दाना…..
इचक दाना बिचक दाना दाने ऊपर दाना

8. इतर में भीग रही

इतर में भीग रही हैं ये सेहरे की लड़ी-२
भरी महफ़िल में बन्ने के बाबा से कह दो
दोनों हाथों से उठा ले ये सेहरे की लड़ी

इतर में भीग रही हैं ये सेहरे की लड़ी-२
भरी महफ़िल में बन्ने के ताऊ से कह दो
दोनों हाथों से उठा ले ये सेहरे की लड़ी

इतर में भीग रही हैं ये सेहरे की लड़ी-२
भरी महफ़िल में बन्ने के पापा से कह दो
दोनों हाथों से उठा ले ये सेहरे की लड़ी

इतर में भीग रही हैं ये सेहरे की लड़ी-२
भरी महफ़िल में बन्ने के चाचा से कह दो
दोनों हाथों से उठा ले ये सेहरे की लड़ी

इतर में भीग रही हैं ये सेहरे की लड़ी-२

9. केसरिया बन्ना बागों में आया रे

केसरिया बन्ना बागों में आया रे, केसरिया बन्ना बागों में आया रे
आवो री सज धज कर आवो री,
सखियन सब आवो री, माला पहनावो री
केसरिया बन्ना बागों में आया रे ।।

ये मेरे हाथ फूलों की डाली, ये मेरे हाथ फूलों की डाली
मैं जो मालन बन कर आई, बागों में ऐसी छाई
केसरिया बन्ना बागों में आया रे

ये मेरे हाथ चौमुखी दियना, ये मेरे हाथ चौमुखी दियना
मैं तो ज्योति बन कर आई, महलों में ऐसी छाई
केसरिया बन्ना बागों में आया रे

ये मेरे हाथ पानों के बीडे, ये मेरे हाथ पानों के बीडे,
मैं जो लाली बन कर आई, रंगों में ऐसी छाई
केसरिया बन्ना बागों में आया रे,
केसरिया बन्ना बागों में आया रे

आवो री सज धज कर आवो री,
सखियन सब आवो री, माला पहनावो री
केसरिया बन्ना बागों में आया रे ।।

10. कच्ची पक्की कलियाँ हिलाया न करो

कच्ची पक्की कलियाँ हिलाया न करो-२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

माथे बन्नी के बेंदी सोहे -२,
अँखियन में झलक दिखाया न करो-२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

कच्ची पक्की कलियाँ हिलाया न करो-२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

कानों बन्नी के कुण्डल सोहे -२
होंठों पे झलक दिखाया न करो-२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

कच्ची पक्की कलियाँ हिलाया न करो-२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

हाथ बन्नी के कंगन सोहे -२
मेंहदी में झलक दिखाया न करो-२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

कच्ची पक्की कलियाँ हिलाया न करो -२
रोज़ रोज़ बन्ना तुम आया न करो…

11. किरण की छन्नी में बन्ने ने रास रचाई

बन्नी मैं तो देखूंगा तू कितनी पढ़ी लिखी आई
बन्ना जी मुझको क्या देखो
थारी दादी से ज्यादा सुन्दर आयी
बन्ना जी मुझको क्या देखो
थारी ताई से ज्यादा पढ़ी लिखी आयी।

किरण की छन्नी में बन्ने ने रास रचाई

बन्नी मैं तो देखूंगा तू कितनी सुन्दर आई
बन्नी मैं तो देखूंगा तू कितनी पढ़ी लिखी आई
बन्ना जी मुझको क्या देखो
थारी मम्मी से ज्यादा सुन्दर आयी
बन्ना जी मुझको क्या देखो
थारी चाची से ज्यादा पढ़ी लिखी आयी।

किरण की छन्नी में बन्ने ने रास रचाई

बन्नी मैं तो देखूंगा तू कितनी सुन्दर आई
बन्नी मैं तो देखूंगा तू कितनी पढ़ी लिखी आई
बन्ना जी मुझको क्या देखो
थारी बुआ से ज्यादा सुन्दर आयी
बन्ना जी मुझको क्या देखो
थारी मौसी से ज्यादा पढ़ी लिखी आयी।

किरण की छन्नी में बन्ने ने रास रचाई

12. कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा

कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा
बन्ने की बारात में

मैंने कहा था बन्ने तुम बाबा मत लाना
तुम ताऊ मत लाना, हमारी मुलाकात में
तुमने एक ना मानी, तुम बाबा संग आऐ
तुम ताऊ संग आऐ, हमारी मुलाकात में

फेरे तो ना लूंगी तेरे साथ में
मैनें कहा था बन्ने तुम अकेले ही आना
हमारी मुलाकात में

कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा
बन्ने की बारात में

मैंने कहा था बन्ने तुम पापा मत लाना
तुम चाचा मत लाना, हमारी मुलाकात में
तुमने एक ना मानी, तुम पापा संग आऐ
तुम चाचा संग आऐ, हमारी मुलाकात में

फेरे तो ना लूंगी तेरे साथ में
मैनें कहा था बन्ने तुम अकेले ही आना
हमारी मुलाकात में

कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा
बन्ने की बारात में

मैंने कहा था बन्ने तुम मामा मत लाना
तुम फूफा मत लाना, हमारी मुलाकात में
तुमने एक ना मानी, तुम मामा संग आऐ
तुम फूफा संग आऐ, हमारी मुलाकात में

फेरे तो ना लूंगी तेरे साथ में
मैनें कहा था बन्ने तुम अकेले ही आना
हमारी मुलाकात में

कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा
बन्ने की बारात में

मैंने कहा था बन्ने तुम यार मत लाना
तुम दोस्त मत लाना, हमारी मुलाकात में
तुम मेरी ही मानी, तुम अकेले ही आये
हमारी मुलाकात में
फेरे तो मैं लूंगी तेरे साथ में।

कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा
बन्ने की बारात में

13. कहो राजा जनक कहो सिया प्यारी

कहो राजा जनक कहो सिया प्यारी-२

किन तेरी गोद भरी मेवा से
किन तेरी रूच-रूच मांग सवांरी
बाबा मेरी गोद भरी मेवा से
दादी रानी रूच-रूच मांग सवांरी

कहो राजा जनक कहो सिया प्यारी-२

किन तेरी गोद भरी मेवा से
किन तेरी रूच-रूच मांग सवांरी
पापा मेरी गोद भरी मेवा से
मम्मी रानी रूच-रूच मांग सवांरी

कहो राजा जनक कहो सिया प्यारी-२

किन तेरी गोद भरी मेवा से
किन तेरी रूच-रूच मांग सवांरी
भईया मेरी गोद भरी मेवा से
भाभी रानी रूच-रूच मांग सवांरी

कहो राजा जनक कहो सिया प्यारी-२

14. चन्दन के चार पावा लगे

चन्दन के चार पावा लगे हैं
रेशम लागी अरदवानि हाँ-२

मैङै में बैइठे बन्ने के बाबा खेल जूआँ खेंलहि हाँ
हँसि हँसि पूछै बन्ने की दादी
का रे पिया तुम जीत्यौ हाँ
धन भले जीत्यौ, दहेज भले जीत्यौ
जीत्यौ दूध कटोरा हाँ, चंदा सूरज जैसी बहु औरु
जीत्यौ अपने चढ़न केरो घोड़ा हाँ

मैङै में बैइठे बन्नी के बाबा खेल जूआँ खेंलहि हाँ
रोए रोए पूछै बन्नी की दादी
का रे पिया तुम हारौ हाँ
धन भले हारौ, दहेज भले हारौ
हारौ दूध कटोरा हाँ, चंदा सूरज जैसी बिटिया औरु
हारौ अपने चढ़न केरो घोड़ा हाँ

चन्दन के चार पावा लगे हैं
रेशम लागी अरदवानि हाँ-२

मैङै में बैइठे बन्ने के पापा खेल जूआँ खेंलहि हाँ
हँसि हँसि पूछै बन्ने की मम्मी
का रे पिया तुम जीत्यौ हाँ
धन भले जीत्यौ, दहेज भले जीत्यौ
जीत्यौ दूध कटोरा हाँ, चंदा सूरज जैसी बहु औरु
जीत्यौ अपने चढ़न केरो घोड़ा हाँ

मैङै में बैइठे बन्नी के पापा खेल जूआँ खेंलहि हाँ
रोए रोए पूछै बन्नी की मम्मी
का रे पिया तुम हारौ हाँ
धन भले हारौ, दहेज भले हारौ
हारौ दूध कटोरा हाँ, चंदा सूरज जैसी बिटिया औरु
हारौ अपने चढ़न केरो घोड़ा हाँ

15. चल बन्नी इस घर से बैठ मोटर में सजन घर जाना है

चल बन्नी इस घर से बैठ मोटर में
सजन घर जाना है -२

कैसे चलूँ सजन के घर ओ कहार -२
दादा जी खड़े आँगन में लाज-शर्म मुझे आती है
ताऊ जी खड़े आँगन में लाज-शर्म मुझे आती है
चल बन्नी इस घर से बैठ मोटर में
सजन घर जाना है-२

कैसे चलूँ सजन के घर ओ कहार -२
पापा जी खड़े आँगन में लाज-शर्म मुझे आती है
चाचा जी खड़े आँगन में लाज-शर्म मुझे आती है
चल बन्नी इस घर से बैठ मोटर में
सजन घर जाना है -२

कैसे चलूँ सजन के घर ओ कहार -२
फूफा जी खड़े आँगन में लाज-शर्म मुझे आती है
मामा जी खड़े आँगन में लाज-शर्म मुझे आती है
चल बन्नी इस घर से बैठ मोटर में
सजन घर जाना है -२

16. चलो जल्दी सजो बन्ना

चलो जल्दी सजो बन्ना ये शुभ घड़ी आज आई है
तेरे बाबा हजारी ने महल सारा सजाया है
तेरी दादी के जीवन में ये शुभ दिन आज आया है

चलो जल्दी सजो बन्ना ये शुभ घड़ी आज आई है
तेरे ताऊ हजारी ने महल सारा सजाया है
तेरी ताई के जीवन में ये शुभ दिन आज आया है

चलो जल्दी सजो बन्ना ये शुभ घड़ी आज आई है
तेरे पापा हजारी ने महल सारा सजाया है
तेरी मम्मी के जीवन में ये शुभ दिन आज आया है

चलो जल्दी सजो बन्ना ये शुभ घड़ी आज आई है
तेरे चाचा हजारी ने महल सारा सजाया है
तेरी चाची के जीवन में ये शुभ दिन आज आया है

17. चिक डाल दो कमरे में

चिक डाल दो कमरे में बन्नी कैरम खेलेगी-२
अगर मैं बाजी जीती तो सुबह का नाश्ता बना देना
अगर मैं बाजी जीता तो तेरी दादी को ले जाऊँगा
उन्हें दादा के संग रक्खूँगा, नहीं फिर आने देने का

चिक डाल दो कमरे में बन्नी कैरम खेलेगी-२
अगर मैं बाजी जीती तो सुबह के कपड़े धो देना
अगर मैं बाजी जीता तो तेरी मम्मी को ले जाऊँगा
उन्हें पापा के संग रक्खूँगा, नहीं फिर आने देने का

चिक डाल दो कमरे में बन्नी कैरम खेलेगी-२
अगर मैं बाजी जीती तो सुबह के बर्तन धो देना
अगर मैं बाजी जीता तो तेरी भाभी को ले जाऊँगा
उन्हें भईया के संग रक्खूँगा, नहीं फिर आने देने का

चिक डाल दो कमरे में बन्नी कैरम खेलेगी-२
अगर मैं बाजी जीती तो रात का बिस्तर लगा देना
अगर मैं बाजी जीता तो तेरी दीदी को ले जाऊँगा
उन्हें जीजा के संग रक्खूँगा, नहीं फिर आने देने का

18. छज्जे ऊपर बन्ना बैठा दिल खोल के

छज्जे ऊपर बन्ना बैठा दिल खोल के
बन्नी को बुलाये टेलीफोन कर के
कमरे में से दादी बोली हंस-हंस के
बन्नी नहीं आये टेलीफोन सुन के
जाओ जी बन्ना तो घोड़ी चंढ के
लाओ जी बन्ना गठ जोड़ा कर के

छज्जे ऊपर बन्ना बैठा दिल खोल के
बन्नी को बुलाये टेलीफोन कर के
कमरे में से मम्मी बोली हंस-हंस के
बन्नी नहीं आये टेलीफोन सुन के
जाओ जी बन्ना तो घोड़ी चंढ के
लाओ जी बन्ना गठ जोड़ा कर के

छज्जे ऊपर बन्ना बैठा दिल खोल के
बन्नी को बुलाये टेलीफोन कर के
कमरे में से भाभी बोली हंस-हंस के
बन्नी नहीं आये टेलीफोन सुन के
जाओ जी बन्ना तो घोड़ी चंढ के
लाओ जी बन्ना गठ जोड़ा कर के

19. छोटी सी बन्नी

छोटी सी बन्नी पारवती शिव पूजा करने जाती है
बाबा के बागों जाती, वो फूल तोड़कर लाती है
फूलों का हार बना करके शिव शंकर को पहनाती है

छोटी सी बन्नी पारवती शिव पूजा करने जाती है
पापा के बागों जाती, वो फूल तोड़कर लाती है
फूलों का हार बना करके शिव शंकर को पहनाती है

छोटी सी बन्नी पारवती शिव पूजा करने जाती है
चाचा के बागों जाती, वो फूल तोड़कर लाती है
फूलों का हार बना करके शिव शंकर को पहनाती है

20. जरा सामने तो आओ बन्ना

जरा सामने तो आओ बन्ना
छुप छुप चलने मे क्या राज है
यूँ छुप न सकोगे मेरे लाडले,
जब द्वारे खड़ी बारात है
षीष बना के सेहरा सोहे
किलंगी चमाचम चमक रही

अपने बाबा के सर का तू ताज है
अपने ताऊ के सर का तू ताज है
अपनी दादी का तू राज दुलार है
अपनी ताई का तू राज दुलार है

यूँ छुप न सकोगे मेरे लाडले
जब की द्वारे खड़ी बारात है

अपने पापा के सर का तू ताज है
अपने चाचा के सर का तू ताज है
अपनी का तू राज दुलार है
अपनी ताई का तू राज दुलार है

जरा सामने तो आओ बन्ना
छुप छुप चलने मे क्या राज है
यूँ छुप न सकोगे मेरे लाडले,
जब द्वारे खड़ी बारात है
षीष बना के सेहरा सोहे
किलंगी चमाचम चमक रही

21. झूठ बोले बन्ना डांटे ऐसे बन्ने से डरियो

झूठ बोले बन्ना डांटे ऐसे बन्ने से डरियो

बन्ना बन्नी को ले जायेगा तुम देखते रहियो
मैं बाबा को ले जाऊंगा तुम देखते रहियो
मैं ताऊ को ले जाऊँगा तुम देखते रहियो
बिना बुलाये आ जाये दादी ऐसी दादी से डरियो
बिना बुलाये आ जाये ताई ऐसी ताई से डरियो
बन्ना बन्नी को ले जायेगा तुम देखते रहियो

झूठ बोले बन्ना…..

झूठ बोले बन्ना डांटे ऐसे बन्ने से डरियो

बन्ना बन्नी को ले जायेगा तुम देखते रहियो
मैं पापा को ले जाऊंगा तुम देखते रहियो
मैं चाचा को ले जाऊँगा तुम देखते रहियो
बिना बुलाये आ जाये मम्मी ऐसी मम्मी से डरियो
बिना बुलाये आ जाये चाची ऐसी चाची से डरियो
बन्ना बन्नी को ले जायेगा तुम देखते रहियो

झूठ बोले बन्ना…..

22. दइया ओ दइया बन्नी के नजर लागी

दइया ओ दइया बन्नी के नजर लागी-2
मैं डिबिया काजल की लेकर भागी

शीश बन्नी के टीका सोहे
कान बन्नी के कुण्डल सोहे
दइया ओ दइया झूमर पे नजर लागी
दइया ओ दइया झुमके पे नजर लागी
मैं डिबिया …….

गले बन्नी के हरवा सोहे
हाथ बन्नी के कंगना सोहे
दइया ओ दइया लटकन पे नजर लागी
दइया ओ दइया चूड़े पे नजर लागी
मैं डिबिया …….

कमर बन्नी के तगड़ी सोहे
पांव बन्नी के पायल सोहे
दइया ओ दइया गुच्छे पे नजर लागी
दइया ओ दइया बिछुवे पे नजर लागी
मैं डिबिया…..

अंग बन्नी के साड़ी सोहे
संग बन्नी के बन्ना सोहे
दइया ओ दइया, चूनर पे नजर लागी
दइया ओ दइया जोड़ी पे नजर लागी
मैं डिबिया…..

दइया ओ दइया बन्नी के नजर लागी-2
मैं डिबिया काजल की लेकर भागी

23. द्वारे पे बाजे शहनाई

द्वारे पे बाजे शहनाई, बन्नी की हो गई बिदाई
द्वारे पे बाबा रोवें, आंगन में दादी
पैरों पड़ा रोवे भाई, बहन मेरी हो गई पराई

द्वारे पे बाजे शहनाई, बन्नी की हो गई बिदाई
द्वारे पे पापा रोवें, आंगन में मम्मी
पैरों पड़ा रोवे भाई, बहन मेरी हो गई पराई

द्वारे पे बाजे शहनाई, बन्नी की हो गई बिदाई
द्वारे पे चाचा रोवें, आंगन में चाची
पैरों पड़ा रोवे भाई, बहन मेरी हो गई पराई

24. दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे

दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे -२
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,
मण्डप के नीचे बाबा खड़े रोवें
दादी रानी से मुखड़ा मोड़ चली रे
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,

दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे -२
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,
मण्डप के नीचे पापा खड़े रोवें
मम्मी रानी से मुखड़ा मोड़ चली रे
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,

दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे -२
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,
मण्डप के नीचे जीजा खड़े रोवें
दीदी रानी से मुखड़ा मोड़ चली रे
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,

दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे -२
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,
मण्डप के नीचे भईया खड़े रोवें
भाभी रानी से मुखड़ा मोड़ चली रे
आज मेरी बन्नी ससुराल चली रे,

25. नखरालो बन्नो जी बन्नी पर जादू करगो

नखरालो बन्ने जी बन्नी पर जादू करगो
मतवालो बन्ने जी बन्नी पर जादू करगो

रंगरंगीलो छैल छबीलो ओ बन्ना है प्यारो
मीठो-मीठो मुलक रहो है यो तो जादूगारो
रसीलो बनडा सा बन्नी के मन बसगो। नखरालो…..
शीश बने के कलंगी सोहे, सेहरा जी की शोभा न्यारी
घोड़ी ऊपर बैठ्यो बन्नो पह्रयो सूट हजारी
हरियालो बन्नो जी, बन्नी के चित्त चढ़गो। नखरालो……
सज कर आया बन्ना जी तो संग में लाय बराती
आगे-आगे नाच रहे हैं बन्ने जी के साथी
कामणगारो बन्नो जी बन्नी पर कामण करगो….

नखरालो बन्ने जी बन्नी पर जादू करगो
मतवालो बन्ने जी बन्नी पर जादू करगो

26. नगर में शोर भारी है

नगर में शोर भारी है न जाने किसकी शादी है-२
बन्ने के बाबा से पूछों नगर में किसकी शादी है
उन्होंने हँस के फरमाया मेरे पोते की शादी है

नगर में शोर भारी है न जाने किसकी शादी है-२
बन्ने के ताऊ से पूछों नगर में किसकी शादी है
उन्होंने हँस के फरमाया मेरे भतीजे की शादी है

नगर में शोर भारी है न जाने किसकी शादी है-२
बन्ने के पापा से पूछों नगर में किसकी शादी है
उन्होंने हँस के फरमाया मेरे बेटे की शादी है

नगर में शोर भारी है न जाने किसकी शादी है-२
बन्ने के मामा से पूछों नगर में किसकी शादी है
उन्होंने हँस के फरमाया मेरे भांजे की शादी है

नगर में शोर भारी है न जाने किसकी शादी है-२
बन्ने के जीजा से पूछों नगर में किसकी शादी है
उन्होंने हँस के फरमाया मेरे साले की शादी है

नगर में शोर भारी है न जाने किसकी शादी है-२
बन्ने के भईया से पूछों नगर में किसकी शादी है
उन्होंने हँस के फरमाया मेरे छोटे की शादी है

27. नीचे पान की दुकान, ऊपर बन्नी का मकान

नीचे पान की दुकान, ऊपर बन्नी का मकान
बोलो बोलो मेरी जान, किराया कितना

मैंने खाना बनाया तुम्हारे लिए -२
सब खा गए मेहमान, जिनकी जान न पहचान
बोलो बोलो मेरी जान, किराया कितना

नीचे पान की दुकान, ऊपर बन्नी का मकान
बोलो बोलो मेरी जान, किराया कितना

मैंने पानी मँगाया तुम्हारे लिए -२
सब पी गए मेहमान, जिनकी जान न पहचान
बोलो बोलो मेरी जान किराया कितना

नीचे पान की दुकान, ऊपर बन्नी का मकान
बोलो बोलो मेरी जान, किराया कितना

मैंने बीड़े लगाए तुम्हारे लिए -२
सब खा गए मेहमान, जिनकी जान न पहचान
बोलो बोलो मेरी जान किराया कितना

नीचे पान की दुकान, ऊपर बन्नी का मकान
बोलो बोलो मेरी जान, किराया कितना

मैंने सेज बिछाया तुम्हारे लिए -२
सब सो गए मेहमान, जिनकी जान न पहचान
बोलो बोलो मेरी जान किराया कितना

नीचे पान की दुकान, ऊपर बन्नी का मकान
बोलो बोलो मेरी जान, किराया कितना

28. प्यारे बन्ने तू शादी रचाना

प्यारे बन्ने तू शादी रचाना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

मैंने सोचा था बन्ना सेहरा लेकर आयगा
लेकिन सेहरा न मिला
प्यारे बन्ने तू हैट लगाना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

प्यारे बन्ने तू शादी रचाना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

मैंने सोचा था बन्ना कँगना लेकर आयगा
लेकिन कँगना न मिला
प्यारे बन्ने तू घड़ियाँ पहनना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

प्यारे बन्ने तू शादी रचाना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

मैंने सोचा था बन्ना जामा लेकर आयगा
लेकिन जामा न मिला
प्यारे बन्ने तू सूट पहनना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

प्यारे बन्ने तू शादी रचाना, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

मैंने सोचा था बन्ना डोला लेकर आयगा
लेकिन डोला न मिला
प्यारे बन्ने तू कार लेके, नहीं शरमाना
तू सारे जहाँन से, शादी होएगी तुम्हारी बड़ी शान से-२

29. बन्ने के नैना जादू के बान

बन्ने के नैना जादू के बान, बन्ने के नैना जादू के बान
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

शीश रेशम की पगिया सोहे, मोरे पन्खा की है सिरमोर
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

कान बन्ने के कुन्डल सोहे, मोतियन की है चमकार
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

श्याम बदन पर पियरो जामा, मुनिमन हरत लुभान
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

संग सोहे राजों की बेटी, रुक्मिनी बाम बखान
मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया, मैं वारी-वारी जाऊँ रसिया ।।

30. बन्नी उड़ी उड़ी डोले, बन्नी फूली फूली डोले

बन्नी उड़ी उड़ी डोले, बन्नी फूली फूली डोले
मेरी दूरों से आएगी बारात, मुझे तो ससुराल जाना
वहाँ बाबा नहीं होगें वहाँ दादी नहीं होगीं
मेरे कैसे कटेगें दिन-रात, मुझे तो ससुराल जाना

बन्नी उड़ी उड़ी डोले, बन्नी फूली फूली डोले
मेरी दूरों से आएगी बारात, मुझे तो ससुराल जाना
वहाँ पापा नहीं होगें वहाँ मम्मी नहीं होगीं
मेरे कैसे कटेगें दिन-रात, मुझे तो ससुराल जाना

बन्नी उड़ी उड़ी डोले, बन्नी फूली फूली डोले
मेरी दूरों से आएगी बारात, मुझे तो ससुराल जाना
वहाँ भईया नहीं होगें वहाँ भाभी नहीं होगीं
मेरे कैसे कटेगें दिन-रात, मुझे तो ससुराल जाना

बन्नी उड़ी उड़ी डोले, बन्नी फूली फूली डोले
मेरी दूरों से आएगी बारात, मुझे तो ससुराल जाना
वहाँ जीजा नहीं होगें वहाँ दीदी नहीं होगीं
मेरे कैसे कटेगें दिन-रात, मुझे तो ससुराल जाना

31. बन्नी तुम तो सजन घर जाओगी

बन्नी तुम तो सजन घर जाओगी, बन्नी तेरी कसम याद आओगी
वहाँ सब ही पराये होगें, बन्नी तेरा न कोई होगा
सब अपनी ही अपनी कहेंगें, बन्नी तेरी न कोई सुनेगा
तब मम्मी की याद तुम्हें आएगी, बन्नी छुप छुप के आँसू बहाओगी

बन्नी तुम तो सजन घर जाओगी, बन्नी तेरी कसम याद आओगी
वहाँ सब ही पराये होगें, बन्नी तेरा न कोई होगा
सब अपनी ही अपनी कहेंगें, बन्नी तेरी न कोई सुनेगा
तब दीदी की याद तुम्हें आएगी, बन्नी छुप छुप के आँसू बहाओगी

बन्नी तुम तो सजन घर जाओगी, बन्नी तेरी कसम याद आओगी
वहाँ सब ही पराये होगें, बन्नी तेरा न कोई होगा
सब अपनी ही अपनी कहेंगें, बन्नी तेरी न कोई सुनेगा
तब भाभी की याद तुम्हें आएगी, बन्नी छुप छुप के आँसू बहाओगी

32. बन्नी मेरी चन्द्रकला सी

बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी के बाबा वर ढूंढें निकले, दादी खड़ी हैं उदासी
न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा

बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी के ताऊ वर ढूंढें निकले, ताई खड़ी हैं उदासी
न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा

बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी के पापा वर ढूंढें निकले, मम्मी खड़ी हैं उदासी
न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा

बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी के फूफा वर ढूंढें निकले, बुआ खड़ी हैं उदासी
न जाने वर कैसा मिलेगा
बन्नी मेरी चन्द्रकला सी, न जाने वर कैसा मिलेगा

33. बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ

बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ
बन्नी बेंदी सम्हारेगीं वही सखियाँ
जिनके गोरे गोरे गाल, रसीली अंखियाँ
जिनकी नरम कलाई, हरेरी चूड़ियाँ

बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ
बन्नी हरवा सम्हारेगीं वही सखियाँ
जिनके गोरे गोरे गाल, रसीली अंखियाँ
जिनकी नरम कलाई, हरेरी चूड़ियाँ

बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ
बन्नी कुंडल सम्हारेगीं वही सखियाँ
जिनके गोरे गोरे गाल, रसीली अंखियाँ
जिनकी नरम कलाई, हरेरी चूड़ियाँ

बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ
बन्नी चूनर सम्हारेगीं वही सखियाँ
जिनके गोरे गोरे गाल, रसीली अंखियाँ
जिनकी नरम कलाई, हरेरी चूड़ियाँ

34. बन्नी हमें कॉलेज के पास मिलना

बन्नी हमें कॉलेज के पास मिलना -२

मैं तो लाऊंगा बन्नी तुम्हारी बेंदी
बन्नी हमें लड़ियाँ सम्हार मिलना

बन्नी हमें—-

मैं तो लाऊंगा बन्नी तुम्हारे झाले
बन्नी हमें लटकन सम्हार मिलना

बन्नी हमें—–

मैं तो लाऊंगा बन्नी तुम्हारे कंगना
बन्नी हमें चुड़ियाँ सम्हार मिलना

बन्नी हमें—–

मैं तो लाऊंगा बन्नी तुम्हारी चुनरी
बन्नी हमें साड़ी सम्हार मिलना

बन्नी हमें—–

मैं तो लाऊंगा बन्नी तुम्हारे बिछुआ
बन्नी हमें पायल सम्हार मिलना

बन्नी हमें——

मैं तो लाऊंगा बन्नी तुम्हारा डोला
बन्नी हमें एक दम तैयार मिलना

बन्नी हमें कॉलेज के पास मिलना -२

35. बन्ने के गोरे-2 गाल, गाल पर घुंघर वाले बाल

बन्ने के गोरे-2 गाल, गाल पर घुंघर वाले बाल
बन्ना तेरा क्या कहना,
बन्ने की महकी-2 चाल-चाल पर वारूं चवनी चार
बन्ना तेरा क्या कहना
बन्ने के पतले-2 होंठ, होठ पर वांरू सो का नोट,
बन्ना तेरा क्या कहना,

बन्ने के दादा खरचे नोट, बन्ने की दादी के उड़ गये होश
बन्ना तेरा क्या कहना

बन्ने के गोरे-2 गाल, गाल पर घुंघर वाले बाल
बन्ना तेरा क्या कहना,
बन्ने की महकी-2 चाल-चाल पर वारूं चवनी चार
बन्ना तेरा क्या कहना
बन्ने के पतले-2 होंठ, होठ पर वांरू सो का नोट,
बन्ना तेरा क्या कहना,

बन्ने के पापा खरचे नोट, बन्ने की मम्मी के उड़ गये होश
बन्ना तेरा क्या कहना

बन्ने के गोरे-2 गाल, गाल पर घुंघर वाले बाल
बन्ना तेरा क्या कहना,
बन्ने की महकी-2 चाल-चाल पर वारूं चवनी चार
बन्ना तेरा क्या कहना
बन्ने के पतले-2 होंठ, होठ पर वांरू सो का नोट,
बन्ना तेरा क्या कहना,

बन्ने के भईया खरचे नोट, बन्ने की भाभी के उड़ गये होश
बन्ना तेरा क्या कहना

बन्ने के गोरे-2 गाल, गाल पर घुंघर वाले बाल
बन्ना तेरा क्या कहना,
बन्ने की महकी-2 चाल-चाल पर वारूं चवनी चार
बन्ना तेरा क्या कहना
बन्ने के पतले-2 होंठ, होठ पर वांरू सो का नोट,
बन्ना तेरा क्या कहना

36. बन्ना जाएगा बन्नी के लिए

बन्ना जाएगा बन्नी के लिए,
अरमानों की दुनिया साथ लिए।

बाबा की खुशी का क्या कहना,
बन्ने पर आज न्योंछावर है।
ताऊ की खुशी का क्या कहना,
बन्ने पर आज न्यौछावर है।
दादी ने आशीर्वाद दिया,
चिरंजीव रहे तेरी जोड़ी।
ताई ने आशीर्वाद दिया,
चिरंजीव रहे तेरी जोड़ी।

बन्ना जायेगा बन्नी के लिए,
अरमानों की दुनिया साथ लिए।

पापा की खुशी का क्या कहना,
बन्ने पर आज न्योंछावर है।
चाचा की खुशी का क्या कहना,
बन्ने पर आज न्यौछावर है।
मम्मी ने आशीर्वाद दिया,
चिरंजीव रहे तेरी जोड़ी।
चाची ने आशीर्वाद दिया,
चिरंजीव रहे तेरी जोड़ी।

बन्ना जायेगा बन्नी के लिए,
अरमानों की दुनिया साथ लिए।

फूफा की खुशी का क्या कहना,
बन्ने पर आज न्योंछावर है।
मामा की खुशी का क्या कहना,
बन्ने पर आज न्यौछावर है।
बुआ ने आशीर्वाद दिया,
चिरंजीव रहे तेरी जोड़ी।
ममी ने आशीर्वाद दिया,
चिरंजीव रहे तेरी जोड़ी।

बन्ना जायेगा बन्नी के लिए,
अरमानों की दुनिया साथ लिए।

37. बन्ना तो मेरा चाँदी का गिलास

बन्ना तो मेरा चाँदी का गिलास, चाँद देख शरमाया,
अपने बाबा जी के बागों में जाना, नोटों से जेब भराना।
लुटाना समधी के द्वार, चाँद देख शरमाया।
बन्ना तो मेरी चाँदी का गिलास, चाँद देख शरमाया।

बन्ना तो मेरा चाँदी का गिलास, चाँद देख शरमाया,
अपने पापा जी के बागों में जाना, नोटों से जेब भराना।
लुटाना समधी के द्वार, चाँद देख शरमाया।
बन्ना तो मेरी चाँदी का गिलास, चाँद देख शरमाया।

बन्ना तो मेरा चाँदी का गिलास, चाँद देख शरमाया,
अपने भईया जी के बागों में जाना, नोटों से जेब भराना।
लुटाना समधी के द्वार, चाँद देख शरमाया।
बन्ना तो मेरी चाँदी का गिलास, चाँद देख शरमाया।

38. बन्नी आजा-आजा मेरे बाज़ार बन्नी

बन्नी आजा-आजा मेरे बाज़ार बन्नी
खाजा-खाजा केले अनार।
केले अनार तुझे खूब खिलाऊंगा
बन्नी करजा-करजा शादी का करार
शादी का करार मेरे हाथ में नहीं
शादी तो मेरे बाबा के हाथ है बन्नी..

बन्नी आजा-आजा मेरे बाज़ार बन्नी
खाजा-खाजा केले अनार।
केले अनार तुझे खूब खिलाऊंगा
बन्नी करजा-करजा शादी का करार
शादी का करार मेरे हाथ में नहीं
शादी तो मेरे पापा के हाथ है बन्नी..

बन्नी आजा-आजा मेरे बाज़ार बन्नी
खाजा-खाजा केले अनार।
केले अनार तुझे खूब खिलाऊंगा
बन्नी करजा-करजा शादी का करार
शादी का करार मेरे हाथ में नहीं
शादी तो मेरे भईया के हाथ है बन्नी..

39. बन्ना जोबनिया जलेबी भरी रस की

बन्ना जोबनिया जलेबी भरी रस की

थारे साथ चलुगी म्हारे जंच गई
बन्ना बाबा जी से कहियों म्हारा मन की
बन्ना ताऊ जी से कहियों म्हारा मन की
थारे साथ चलुंगी म्हारे जंचगी
हाथी लाइयो घोड़ा लाइयो मोटर कार
संग में बाराती लाइयो लाइयो रिस्तेदार
बन्ना थारी और म्हारी जोड़ी जंचगी
थारे साथ चलुंगी म्हारे जंचगी..

बन्ना जोबनिया जलेबी……

बन्ना जोबनिया जलेबी भरी रस की
थारे साथ चलुगी म्हारे जंच गई
बन्ना पापा जी से कहियों म्हारा मन की
बन्ना चाचा जी से कहियों म्हारा मन की
थारे साथ चलुंगी म्हारे जंचगी
हाथी लाइयो घोड़ा लाइयो मोटर कार
संग में बाराती लाइयो लाइयो रिस्तेदार
बन्ना थारी और म्हारी जोड़ी जंचगी
थारे साथ चलुंगी म्हारे जंचगी..

बन्ना जोबनिया जलेबी……

बन्ना जोबनिया जलेबी भरी रस की
थारे साथ चलुगी म्हारे जंच गई
बन्ना मामा जी से कहियों म्हारा मन की
बन्ना फूफा जी से कहियों म्हारा मन की
थारे साथ चलुंगी म्हारे जंचगी
हाथी लाइयो घोड़ा लाइयो मोटर कार
संग में बाराती लाइयो लाइयो रिस्तेदार
बन्ना थारी और म्हारी जोड़ी जंचगी
थारे साथ चलुंगी म्हारे जंचगी..

बन्ना जोबनिया जलेबी……

40. बन्ने की शादी होवेगी, नजारा हम भी देखेंगे

बन्ने की शादी होवेगी, नजारा हम भी देखेंगे-२

बन्ने के सीस का सेहरा, वो लडि़यो से उलझता है,
उलझने वाली लडि़यों का नजारा हम भी देखेंगे। बने…….

बन्ने के अंग की शर्ट वो टाइयो से उलझती है,
उलझने वाली टाइयो का नजारा हम भी देखेंगे। बने………

बन्ने के गल का डोरा वो टिकड़े से उलझता है,
उलझने वाले टिकड़े का नजारा हम भी देखेंगे। बने……..

बने के संग की जोड़ी बनड़ी वो जोड़ी से उलझती है,
उलझने वाली जोड़ी का नजारा हम भी देखेंगे।

बन्ने की शादी होवेगी, नजारा हम भी देखेंगे-२

41. बन्नी के दादा जी दे रहे दान के दादी रानी मना करै

बन्नी के दादा जी दे रहे दान के दादी रानी मना करै
बन्नी के ताऊ जी दे रहे दान के ताई रानी मना करै
मत भेजो तिरीया नार के घर के बेटी दो दिन की
मार कांकरी उड़ जाये चिरैया मुंडेरों की
या तो बाधे वंही बध जाये के गैया खुटे की

बन्नी के पापा जी दे रहे दान के मम्मी रानी मना करै
बन्नी के चाचा जी दे रहे दान के चाची रानी मना करै
मत भेजो तिरीया नार के घर के बेटी दो दिन की
मार कांकरी उड़ जाये चिरैया मुंडेरों की
या तो बाधे वंही बध जाये के गैया खुटे की

बन्नी के मामा जी दे रहे दान के मामी रानी मना करै
बन्नी के फूफा जी दे रहे दान के बुआ रानी मना करै
मत भेजो तिरीया नार के घर के बेटी दो दिन की
मार कांकरी उड़ जाये चिरैया मुंडेरों की
या तो बाधे वंही बध जाये के गैया खुटे की

42. बन्ना बुलाए बन्नी नही आए

बन्ना बुलाए बन्नी नहीं आए
आजा प्यारी बन्नी रे, अटरिया सूनी पड़ी
कैसे आऊं बनना ससुर जी खड़े है पायल मेरी बजती है
लम्बा घूँघट डाल के पायल उतार के
चली आओ बन्नी रे अटरिया सूनी पड़ी है

बन्ना बुलाए बन्नी नहीं आए
आजा प्यारी बन्नी रे, अटरिया सूनी पड़ी
कैसे आऊं बनना जेठ जी खड़े है चूड़ी मेरी बजती है
लम्बा घूँघट डाल के चूड़ी उतार के
चली आओ बन्नी रे अटरिया सूनी पड़ी है

बन्ना बुलाए बन्नी नहीं आए
आजा प्यारी बन्नी रे, अटरिया सूनी पड़ी
कैसे आऊं बनना देवर जी खड़े है झूमका मेरा बजता है
लम्बा घूँघट डाल के झूमका उतार के
चली आओ बन्नी रे अटरिया सूनी पड़ी है

बन्ना बुलाए बन्नी नहीं आए
आजा प्यारी बन्नी रे, अटरिया सूनी पड़ी
कैसे आऊं बनना ननदोई जी खड़े है बिछुआ मेरी बजती है
लम्बा घूँघट डाल के बिछुआ उतार के
चली आओ बन्नी रे अटरिया सूनी पड़ी है

43. बन्नो तेरी डोली दरवाजे खड़ी

बन्नो तेरी डोली दरवाजे खड़ी
तेरे बाबा हजारी ने मोल लयी
दादी रानी ने मुतियन की वारी लड़ी

बन्नो तेरी डोली दरवाजे खड़ी
तेरे पापा हजारी ने मोल लयी
मम्मी रानी ने मुतियन की वारी लड़ी

बन्नो तेरी डोली दरवाजे खड़ी
तेरे भईया हजारी ने मोल लयी
भाभी रानी ने मुतियन की वारी लड़ी

44. बन्ना नादान गलियों गलियों में कहता डोले

बन्ना नादान गलियों गलियों में कहता डोले-२

बाबा बराती होगें, ताऊ बराती होगें
पापा बराती होंगे, चाचा बराती होगें
उसी बरात में हैं यार, दूल्हा हमीं बनेगें

बन्ना नादान गलियों गलियों में कहता डोले-२

फूफा बराती होगें, मौसा बराती होगें
मामा बराती होंगे, भईया बराती होगें
उसी बरात में हैं यार, दूल्हा हमीं बनेगें

बन्ना नादान गलियों गलियों में कहता डोले-२

45. बन्ना मेरा फ़ोटो में मचल गया रे

बन्ना मेरा फ़ोटो पर मचल गया रे-२

बाबा जी एक अरज सुन लेना
बन्नी की फ़ोटो मँगवा देना
मैं काली, गोरी देखकर अपना ब्याह रचाऊंगा

बन्ना मेरा फ़ोटो पर मचल गया रे-२

ताऊ जी एक अरज सुन लेना
बन्नी की फ़ोटो मँगवा देना
मैं लम्बी, नाटी देखकर अपना ब्याह रचाऊंगा

बन्ना मेरा फ़ोटो पर मचल गया रे-२

पापा जी एक अरज सुन लेना
बन्नी की फ़ोटो मँगवा देना
मैं पढ़ी-लिखी देखकर अपना ब्याह रचाऊंगा

बन्ना मेरा फ़ोटो पर मचल गया रे-२

46. बन्ना इतने दिन क्वारे क्यों रहे

बन्ना इतने दिन क्वारे क्यों रहे-2
मलिया के गए मलिया न मिला
सेहरा बिन क्वारे हम रहें

बन्ना इतने दिन क्वारे क्यों रहे-२
बजजा के गए बजजा न मिला
जामा बिन क्वारे हम रहें

बन्ना इतने दिन क्वारे क्यों रहे-२
मोची के गए मोची न मिला
जूता बिन क्वारे हम रहें

बन्ना इतने दिन क्वारे क्यों रहे-२
समधी के गए समधी न मिला
बन्नी बिन क्वारे हम रहें

47. बन्नी दूर खेलन मत जइयो

बन्नी दूर खेलन मत जइयो
विदेशी तुझे ले जाएगें-२
मैं तो बैठूँगी बाबा की गोदी
विदेशी मुझे न पाएगें
बन्नी बाबा वचन हार आए
विदेशी तुझे ले जाएगें

बन्नी दूर खेलन मत जइयो
विदेशी तुझे ले जाएगें-२
मैं तो बैठूँगी ताऊ की गोदी
विदेशी मुझे न पाएगें
बन्नी ताऊ वचन हार आए
विदेशी तुझे ले जाएगें

बन्नी दूर खेलन मत जइयो
विदेशी तुझे ले जाएगें-२
मैं तो बैठूँगी पापा की गोदी
विदेशी मुझे न पाएगें
बन्नी पापा वचन हार आए
विदेशी तुझे ले जाएगें

बन्नी दूर खेलन मत जइयो
विदेशी तुझे ले जाएगें-२
मैं तो बैठूँगी चाचा की गोदी
विदेशी मुझे न पाएगें
बन्नी चाचा वचन हार आए
विदेशी तुझे ले जाएगें

48. बन्ना मेरे घर आना जमाई बन के

बन्ना मेरे घर आना जमाई बन के
बन्ना बेंदी गढ़वाना कमाई करके
दोनों हाथों से पहनाना अरमान भर के

बन्ना मेरे घर आना जमाई बन के
बन्ना कँगना गढ़वाना कमाई करके
दोनों हाथों से पहनाना अरमान भर के

बन्ना मेरे घर आना जमाई बन के
बन्ना झूमका गढ़वाना कमाई करके
दोनों हाथों से पहनाना अरमान भर के

बन्ना मेरे घर आना जमाई बन के
बन्ना बिछुआ गढ़वाना कमाई करके
दोनों हाथों से पहनाना अरमान भर के

49. बन्ने राजा बरात ले के आजा

बन्ने राजा, बरात ले के आना, ज़रा न शरमाना
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर
मैंने कहा था बाबा बराती लाना
दादी को ले आए, नचाते हुए लाए, ज़रा न शरमाये
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर

बन्ने राजा, बरात ले के आना, ज़रा न शरमाना
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर
मैंने कहा था पापा बराती लाना
मम्मी को ले आए, नचाते हुए लाए, ज़रा न शरमाये
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर

बन्ने राजा, बरात ले के आना, ज़रा न शरमाना
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर
मैंने कहा था भईया बराती लाना
भाभी को ले आए, नचाते हुए लाए, ज़रा न शरमाये
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर

बन्ने राजा, बरात ले के आना, ज़रा न शरमाना
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर
मैंने कहा था जीजा बराती लाना
दीदी को ले आए, नचाते हुए लाए, ज़रा न शरमाये
तू कानपुर की रोड पर, तूझे बन्नी मिलेगी हर मोड़ पर

इस गीत में कानपुर की जगह आप अपने शहर का नाम लेकर गायें
बन्नी-बन्ने के स्थान पर वर-कन्या का नाम भी लिया जा सकता है

50. बड़ी दूर से आया बन्ना

बड़ी दूर से आया बन्ना, लेकिन बन्नी न बोले -२

बन्नी के बाबा बोले, बन्नी के ताऊ बोले,
बन्नी की बेंदी बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर——-

बन्नी का कजरा बोले, बन्नी का गजरा बोले,
बन्नी की मेंहदी बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर——-

बन्नी के पापा बोले, बन्नी के चाचा बोले,
बन्नी का कंगना बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर——-

बन्नी की चुनरी बोले, बन्नी की मुदरी बोले,
बन्नी का झूमर बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर——–

बन्नी के भईया बोले, बन्नी के जीजा बोले,
बन्नी का हरवा बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर——–

बन्नी की अदाएँ बोले, बन्नी की निगाहें बोले
बन्नी की हँसी बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर——–

बन्नी के मामा बोले,बन्नी के फूफा बोले,
बन्नी की पायल बोले लेकिन बन्नी न बोले.

बड़ी दूर से आया बन्ना लेकिन बन्नी न बोले -२

51. बाग लगाये मधुबन में

बाग लगाये मधुबन में, खिलेंगे फूल मन में,
खुशी का दिन आया है।
बन्नी पूछो बन्ने अपने से, कौन तपस्या तुमने कीनी,
बन्नी तो बड़ी सुन्दर है।
बाबा अपने का हुक्म बजाया, दादी के कहे आज्ञाकारी,
बन्नी तो बड़ी सुन्दर है।
बाग लगाये मधुबन में, खिलेंगे फूल मन में।

बाग लगाये मधुबन में, खिलेंगे फूल मन में,
खुशी का दिन आया है।
बन्नी पूछो बन्ने अपने से, कौन तपस्या तुमने कीनी,
बन्नी तो बड़ी सुन्दर है।
पापा अपने का हुक्म बजाया, मम्मी के कहे आज्ञाकारी,
बन्नी तो बड़ी सुन्दर है।
बाग लगाये मधुबन में, खिलेंगे फूल मन में।

बाग लगाये मधुबन में, खिलेंगे फूल मन में,
खुशी का दिन आया है।
बन्नी पूछो बन्ने अपने से, कौन तपस्या तुमने कीनी,
बन्नी तो बड़ी सुन्दर है।
भईया अपने का हुक्म बजाया, भाभी के कहे आज्ञाकारी,
बनी तो बड़ी सुन्दर है।
बाग लगाये मधुबन में, खिलेंगे फूल मन में।

52. भरी महफिल में बन्ना

भरी महफ़िल में बन्ना बाँध के आया सेहरा-२
बाग में बैठकर बाबा ने गुंथाया सेहरा
दादी रानी ने सर आँखों से लगाया सेहरा

भरी महफ़िल में बन्ना बाँध के आया सेहरा-२
बाग में बैठकर पापा ने गुंथाया सेहरा
मम्मी रानी ने सर आँखों से लगाया सेहरा

भरी महफ़िल में बन्ना बाँध के आया सेहरा-२
बाग में बैठकर भईया ने गुंथाया सेहरा
भाभी रानी ने सर आँखों से लगाया सेहरा

भरी महफ़िल में बन्ना बाँध के आया सेहरा-२
बाग में बैठकर जीजा ने गुंथाया सेहरा
जीजी रानी ने सर आँखों से लगाया सेहरा

53. महलों के बीच बन्नी

महलों के बीच बन्नी ने केश सुखाये-2

बाबा सुघर वार ढूँढों, नवल वार ढूंढो
ताऊ सुघर वार ढूँढों, नवल वार ढूंढो
दादी लेगीं कन्यादान बन्नी ने केश सुखाये
ताई लेगीं कन्यादान बन्नी ने केश सुखाये

महलों के बीच बन्नी ने केश सुखाये-2

पापा सुघर वार ढूँढों, नवल वार ढूंढो
चाचा सुघर वार ढूँढों, नवल वार ढूंढो
मम्मी लेगीं कन्यादान बन्नी ने केश सुखाये
चाची लेगीं कन्यादान बन्नी ने केश सुखाये

महलों के बीच बन्नी ने केश सुखाये-2

54. मानो बन्ना मानो बराबर लडूंगी

मानो बना मानो बराबर लडूंगी
कोर्ट लडूंगी हाई कोर्ट लडूगी
दिल्ली के कोर्ट में जरूर लडूंगी

ससुर जी को भेजो ज़रा बात करूंगी
सासु जी का मन्दिर जाना बन्द करूंगी

मानो बना मानो बराबर लडूंगी
कोर्ट लडूंगी हाई कोर्ट लडूंगी,
दिल्ली की कोर्ट में जरूर लडूंगी

जेठ जी को भेजो जरा बात करूंगी,
जेठानी का झगड़ा करना बन्द करूंगी,

कोर्ट लडूंगी हाई कोर्ट लडूंगी
दिल्ली के कोर्ट में जरूर लडूंगी
मानो बना मानो बराबर लडूंगी

देवर जी को भेजो जरा बात करूंगी,
देवरानी का पीहर जाना बन्द करूंगी

कोर्ट लडूंगी हाई कोर्ट लडूंगी,
दिल्ली के कोर्ट में जरूर लडूंगी
मानो बना मानो बराबर लडूंगी

नन्दोई जी को भेजो जरा बात करूंगी,
ननद जी का चुगली चाला बन्द करूंगी

कोर्ट लडूंगी हाई कोर्ट लडूंगी,
दिल्ली के कोर्ट में जरूर लडूंगी
मानो बना मानो बराबर लडूंगी

55. मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ

मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-२

शीश बन्नी के टीका सोहे
नाक बन्नी के बेसर सोहे
झूमर पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ

मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-२

कान बन्नी के कुण्डल सोहे
हाथ बन्नी के मेंहदी सोहे
कंगन पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ

मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-२

गले बन्नी के हरवा सोहे
पैर बन्नी के पायल सोहे
बिछुवों पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ

मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-२

अंग बन्नी के साड़ी सोहे
संग बन्नी के बन्ना सोहे
जोड़े पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ

मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-२

56. मेरी हरी हरी चुड़ियों से बाहें भरी

मेरी हरी हरी चुड़ियों से बाहें भरी,
दादी देओ ना सुहाग बन्नी कब की खड़ी
ऐ सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी
तेरे माथे में सिन्दुर मांग मोतीयां जड़ी
हे सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी

मेरी हरी हरी चुड़ियों से बाहें भरी,
ताई देओ ना सुहाग बन्नी कब की खड़ी
ऐ सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी
तेरे माथे में सिन्दुर मांग मोतीयां जड़ी
हे सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी

मेरी हरी हरी चुड़ियों से बाहें भरी,
मम्मी देओ ना सुहाग बन्नी कब की खड़ी
ऐ सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी
तेरे माथे में सिन्दुर मांग मोतीयां जड़ी
हे सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी

मेरी हरी हरी चुड़ियों से बाहें भरी,
चाची देओ ना सुहाग बन्नी कब की खड़ी
ऐ सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी
तेरे माथे में सिन्दुर मांग मोतीयां जड़ी
हे सुहाग देगा राम जोड़ी हद की बनी

57. मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने

मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2
मैंने दिल तुझको दिया-2
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने
मेरे बाबा सजे मेरे ताऊ सजे
लड़की वालों के घर पर हमला किया
बागों को लूट लाये बन्नी को ब्याह लाये
तमाश खूब किया
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2

मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2
मैंने दिल तुझको दिया-2
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने
मेरे पापा सजे मेरे चाचा सजे
लड़की वालों के घर पर हमला किया
बागों को लूट लाये बन्नी को ब्याह लाये
तमाश खूब किया
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2

मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2
मैंने दिल तुझको दिया-2
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने
मेरे मामा सजे मेरे फूफा सजे
लड़की वालों के घर पर हमला किया
बागों को लूट लाये बन्नी को ब्याह लाये
तमाश खूब किया
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2

मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2
मैंने दिल तुझको दिया-2
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने
मेरे भईया सजे मेरे जीजा सजे
लड़की वालों के घर पर हमला किया
बागों को लूट लाये बन्नी को ब्याह लाये
तमाश खूब किया
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने-2

58. रंगीली घोड़ियाँ झनकारों से सजकर

रंगीली घोडियां झनकारों से सजकर आई
उसके बाबा लाये सजा सजा कर घोड़ी
दादी रानी के प्यारे चढो करो मत देरी
समय आ गया ससुराल घर जाने का

रंगीली घोडियां झनकारों से सजकर आई
उसके ताऊ लाये सजा सजा कर घोड़ी
ताई रानी के प्यारे चढो करो मत देरी
समय आ गया ससुराल घर जाने का

रंगीली घोडियां झनकारों से सजकर आई
उसके पापा लाये सजा सजा कर घोड़ी
मम्मी रानी के प्यारे चढो करो मत देरी
समय आ गया ससुराल घर जाने का

रंगीली घोडियां झनकारों से सजकर आई
उसके चाचा लाये सजा सजा कर घोड़ी
चाची रानी के प्यारे चढो करो मत देरी
समय आ गया ससुराल घर जाने का

59. लाड़ो पूछे दादी से ओ दादी

लाड़ो पूछें दादी से ओ दादी
मैं किस मिस देखन जाऊं, रंगीले आ उतरे बागां मा

हाथ टोकरिया फूलों की
मालन बनकर जा बन्नी, रंगीले आ उतरे बागां मा
काची-काची कलियां तोडूं थी बागां मा
मै उलझ पड़ी घुघंट मा, मुखड़ा देख गये बागां मा
बोल-बतलाये गये बागां मा
हमारी सावै चढ़ी बन्नी के नजर लगायै गये बागां मा
हमारी तेल चढ़ी बन्नी के नजर लगायै गये बागां मा

लाड़ो पूछें ताई से ओ ताई
मैं किस मिस देखन जाऊं, रंगीले आ उतरे पनघट मा

हाथ गठरिया कपड़ों की
धोबन बनकर जा बन्नी, रंगीले आ उतरे पनघट मा
काची काची चुनरिया धोऊँ थी पनघट मा
मै उलझ पड़ी घुघंट मा, मुखड़ा देख गये पनघट मा
बोल-बतलाये गये पनघट मा
हमारी सावै चढ़ी बन्नी के नजर लगायै गये पनघट मा
हमारी तेल चढ़ी बन्नी के नजर लगायै गये पनघट मा

लाड़ो पूछें मम्मी से ओ मम्मी
मैं किस मिस देखन जाऊं, रंगीले आ उतरे नगर मा

हाथ डिलइया बासन की
कहारन बनकर जा बन्नी, रंगीले आ उतरे नगर मा
काचे काचे बर्तन बनाऊँ थी नगर मा
मै उलझ पड़ी घुघंट मा, मुखड़ा देख गये नगर मा
बोल-बतलाये गये नगर मा
हमारी सावै चढ़ी बन्नी के नजर लगायै गये नगर मा
हमारी तेल चढ़ी बन्नी के नजर लगायै गये नगर मा

60. लीपो आँगना, बाँधो बाँधना आज बन्नी की शादी है

लीपो आँगना, बाँधो बाँधना आज बन्नी की शादी है
बन्ने के बाबा ने खत लिख भेजा, कैसी बन्नी ढूँढी है
पढ़ी-लिखी होशियार बहुत है, बोली मधुर रसीली है

लीपो आँगना, बाँधो बाँधना आज बन्नी की शादी है
बन्ने के ताऊ ने खत लिख भेजा, कैसी बन्नी ढूँढी है
पढ़ी-लिखी होशियार बहुत है, बोली मधुर रसीली है

लीपो आँगना, बाँधो बाँधना आज बन्नी की शादी है
बन्ने के पापा ने खत लिख भेजा, कैसी बन्नी ढूँढी है
पढ़ी-लिखी होशियार बहुत है, बोली मधुर रसीली है

लीपो आँगना, बाँधो बाँधना आज बन्नी की शादी है
बन्ने के चाचा ने खत लिख भेजा, कैसी बन्नी ढूँढी है
पढ़ी-लिखी होशियार बहुत है, बोली मधुर रसीली है

61. लैला मिली मजनूँ न मिला

लैला मिली मजनूँ न मिला-२
बड़े जोर की आँधी आई
बन्नी चढ़ गई कोठे पर
नीचे से वो बन्ना बोले
ओय ओय ओय बन्नी उड़ मत जाना आँधी में

लैला मिली मजनूँ न मिला-२
बड़े जोर की बदरी छाई
बन्नी चढ़ गई कोठे पर
नीचे से वो बन्ना बोले
ओय ओय ओय बन्नी सो मत जाना बदरी में

लैला मिली मजनूँ न मिला-२
बड़े जोर से पानी बरसा
बन्नी चढ़ गई कोठे पर
नीचे से वो बन्ना बोले
ओय ओय ओय बन्नी बह मत जाना पानी में

लैला मिली मजनूँ न मिला-२

62. सनन सनन सांय सांय

सनन सनन सांय सांय हो रही थी रेल में-२
पहले डिब्बे में बैठे थे सास और ससुर जी
सीता-राम सीता-राम हो रही थी रेल में

सनन सनन सांय सांय हो रही थी रेल में-२
दूजे डिब्बे में बैठे थे जेठ और जेठानी
घूसा-लात घूसा-लात हो रही थी रेल में

सनन सनन सांय सांय हो रही थी रेल में-२
तीजे डिब्बे में बैठे थे ननद और ननदोई जी
सोजा मुन्ने, सोजा मुन्ने रही थी रेल में

सनन सनन सांय सांय हो रही थी रेल में-२
चौथे डिब्बे में बैठे थे बन्ना और बन्नी
आई लव यू, आई लव यू हो रही थी रेल में

सनन सनन सांय सांय हो रही थी रेल में-२
पाँचवे डिब्बे में बैठे थे देवर और बराती
तांका-झाँकी, तांका-झाँकी हो रही थी रेल में

63. सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर

सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

दादा बराती आये दादी को संग में लाये
जब से बन्नी आयी दादी का चले ना जोर।
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

पापा बराती आये मम्मी को संग में लाये
जब से बन्नी आयी मम्मी का चले ना जोर।
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

भईया बराती आये भाभी को संग में लाये
जब से बन्नी आयी भाभी का चले ना जोर।
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

जीजा बराती आये जीजी को संग में लाये
जब से बन्नी आयी जीजी का चले ना जोर।
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर
जल्दी शादी कर दो मंहगाई का है जोर

64. सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा

सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा- २
दादी के आँगन सुहाग बन्नी मांगे
अमर रहे बन्नी तेरो सिंदुरवा

सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा- २
बुआ के आँगन सुहाग बन्नी मांगे
अमर रहे बन्नी तेरो कंगनवा

सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा- २
भाभी के आँगन सुहाग बन्नी मांगे
अमर रहे बन्नी तेरी चुनरियां

सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा- २
मौसी के आँगन सुहाग बन्नी मांगे
अमर रहे बन्नी तेरो बिछुवा

सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा- २
दीदी के आँगन सुहाग बन्नी मांगे
अमर रहे बन्नी तेरो सजनवा

65. हरियाली बन्नी लाड़ली

हरियाली बन्नी लाड़ली फुलबगिया घूमन गई आज-२
बन्नी के बाबा बन्नी से बोले प्यारी बन्नी घर चलो
दरवाजे पे आ गई बरात फुलबगिया घूमन गई आज

हरियाली बन्नी लाड़ली फुलबगिया घूमन गई आज-२
पापा के बाबा बन्नी से बोले प्यारी बन्नी घर चलो
दरवाजे पे आ गई बरात फुलबगिया घूमन गई आज

हरियाली बन्नी लाड़ली फुलबगिया घूमन गई आज-२
बन्नी के भईया बन्नी से बोले प्यारी बन्नी घर चलो
दरवाजे पे आ गई बरात फुलबगिया घूमन गई आज

Leave a comment

Your email address will not be published.