मेरे रोम में कान्हा भजन लिरिक्स | Mere Rom Me Kanha Bhajan Lyrics

मेरे रोम में कान्हा भजन लिरिक्स | Mere Rom Me Kanha Bhajan Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “मेरे रोम में कान्हा भजन लिरिक्स | Mere Rom Me Kanha Bhajan Lyrics” बेटी प्रियंका जी के द्वारा गाया हुआ है। भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Mere Rom Me Kanha Bhajan Lyrics

मोहे हुक लगी दर्शन की,
दर्शन कैसे पाउगी ।
मेरे रोम रोम में कान्हा,
दर्शन कैसे पाउंगी ।।

मोहे हुक लगी दर्शन की ।
दर्शन कैसे पाउगी ।।

कान्हा बंसी मधुर बजावे,
मेरे मन का चैन चुरावे ।
सुध बुध खो के बैठी कान्हा,
दर्शन कैसे पाउगी ।।

मोहे हुक लगी दर्शन की ।
दर्शन कैसे पाउगी ।।

सांवली सूरत मन में समाये
मोहनी मूरत मन को भाये ।
कान्हा धुन में हुई मस्तानी,
दर्शन कैसे पाउगी ।।

मोहे हुक लगी दर्शन की ।
दर्शन कैसे पाउगी ।।

साबुन से मैं मल के नहाई,
मन का मैल मैं धो न पाई ।
मैंने जपी न मन की माला,
दर्शन कैसे पाउगी ।।

मोहे हुक लगी दर्शन की ।
दर्शन कैसे पाउगी ।।


हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “मेरे रोम में कान्हा भजन लिरिक्स | Mere Rom Me Kanha Bhajan Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Mere Rom Me Kanha Bhajan Lyrics” भजन के आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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