मत कर माया को – Mat Kar Maya Ko Ahankar Lyrics in Hindi – Lyrics in Hindi



Mat Kar Maya Ko Ahankar Lyrics in Hindi

मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची
काया घार से काची जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची

ऐसा सख्त था महाराज, जिनका मुलको मे राज, जिन घर झूलता हाथी
ऐसा सख्त था महाराज, जिनका मुलको मे राज, जिन घर झूलता हाथी
जिन घर झूलता हाथी, जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया तेरी धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची

भरिया सिन्धडा में तेल, जहाँ से रच्यो है सब खेल. जल रही दिया की बाती
भरिया सिन्धडा में तेल, जहाँ से रच्यो है सब खेल. जल रही दिया की बाती
जल रही दिया की बाती, जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया तेरी धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची

घुट गया सिन्धडा रो तेल, बिखर गया सब निज खेल, बुझ गयी दिया की बाती
घुट गया सिन्धडा रो तेल, बिखर गया सब निज खेल, बुझ गयी दिया की बाती
बुझ गयी दिया की बाती, रे जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची
काया घार से काची जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया धूल हो जासी

झूठा माई थारो बाप, झुठो सकल परिवार, झूठा कूटता छाती-2
झूठा कूटता छाती, रे जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची

लाल में था लाल, तेरा कौन क्या हवाल, जिनको जम ले जासी
लाल में था लाल, तेरा कौन क्या हवाल, जिनको जम ले जासी
जिनको जम ले जासी, रे जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया तेरी धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची

बोल्या भवानी हो नाथ, गुरुजी ने सर पे धरया हाथ, जिनसे मुक्ति हो जासी
बोल्या भवानी हो नाथ, गुरुजी ने सर पे धरया हाथ, जिनसे मुक्ति हो जासी
जिनसे मुक्ति हो जासी, रे जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया धूल हो जासी
मत कर माया को अहंकार, मत कर काया को अभिमान, काया घार से काची

काया घार से काची, रे जैसे ओस रा मोती, झोंका पवन का लग जाये
झपका पवन का लग जाये, काया तेरी धूल हो जासी, काया तेरी धूल हो जासी

Published

Leave a comment

Your email address will not be published.