डाली कर जोड़ सुनावे निज सतगुरु ने समझावे लिरिक्स

Bhajan Diary

डाली कर जोड़ सुनावे,
निज सतगुरु ने समझावे,
हो म्हारा बाप जी,
मैं तो लेउला समाधि,
थांसू पहली।।



राम सरोवर उबा,

रुणेचे रा राजा,
समाधि छीणिजे बाजे,
एक टंग का बाजा,
डाली कर जोड़ सुणावै,
निज सतगुरु ने समझावे,
हो म्हारा बाप जी,
मैं तो लेउला समाधि,
थांसू पहली।।



कांई तो सैनाणी डाली,

समाधि री थारी,
रामदेजी बोल्या मैं तो,
शंका हैं म्हारी,
डाली कर जोड़ सुणावै,
निज सतगुरु ने समझावे,
हो म्हारा बाप जी,
मैं तो लेउला समाधि,
थांसू पहली।।



आटी डोरा कांगसी,

सैनाणी बतावे,
समाधि में तीनों चीजो,
रामदेजी पावे,
डाली कर जोड़ सुणावै,
निज सतगुरु ने समझावे,
हो म्हारा बाप जी,
मैं तो लेउला समाधि,
थांसू पहली।।



भादवे री दशमी डाली,

समाधि हैं लीनी,
समाधि गुरु रे जोड़े,
ऐड़ी भगति कीनी,
डाली कर जोड़ सुणावै,
निज सतगुरु ने समझावे,
हो म्हारा बाप जी,
मैं तो लेउला समाधि,
थांसू पहली।।



डाली कर जोड़ सुनावे,

निज सतगुरु ने समझावे,
हो म्हारा बाप जी,
मैं तो लेउला समाधि,
थांसू पहली।।

गायिका – रामा बाई जी।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


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