ज्योति कलश छलके – Jyoti Kalash Chhalke Lyrics in Hindi – Lyrics in Hindi

ज्योति कलश छलके
ज्योति कलश छलके
हुए गुलाबी, लाल, सुनहरे
रंग दल बादल के
ज्योति कलश छलके

घर आँगन वन उपवन-उपवन
करती ज्योति अमृत के सींचन
मंगल घट ढल के
मंगल घट ढल के
ज्योति कलश छलके

अम्बर कुमकुम कण बरसाये
फूल पाँखुरियाँ पर मुस्काये
बिंदु तुहीन जल के
बिंदु तुहीन जल के
ज्योति कलश छलके

पात-पात बिरवा हरियाला
धरती का मुख हुआ उजाला
सच सपने कल के
सच सपने कल के
ज्योति कलश छलके

ऊषा ने आँचल फैलाया
फैली सुख की शीतल छाया
नीचे आँचल के
नीचे आँचल के
ज्योति कलश छलके

ज्योति यशोदा धरती गैय्या
नील गगन गोपाल कन्हैया
ज्योति यशोदा धरती गैय्या
नील गगन गोपाल कन्हैया
श्यामल छवि झलके
श्यामल छवि झलके
ज्योति कलश छलके

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