जिसकी कृपा से रोशन है मेरी सुबहो शाम भजन लिरिक्स

Bhajan Diary

जिसकी कृपा से रोशन है,
मेरी सुबहो शाम,
सबसे प्यारा सबसे न्यारा,
वो है मेरा श्याम।।

तर्ज़ – जिसके आने से रंगों में।



रंग सांवरा केश घुंघरा,

बांकी अदाएँ,
रूप मोहिनी छवि सोहिनी,
तिरछी निगाहें,
होठों पे मुरली जैसे हो,
प्रेम का पैगाम,
सबसे प्यारा सबसे न्यारा,
वो है मेरा श्याम।।



मोर मुकुट सोहे पीतांबर,

गल वैजयंती माल,
मोहे नुपूर चरण कमलो में,
टेढ़ी सी है चाल,
प्रेमी को घायल कर देती,
एक मधुर मुस्कान,
सबसे प्यारा सबसे न्यारा,
वो है मेरा श्याम।।



मुरली मनोहर हृदय कोमल,

प्रेम का सागर,
श्याम सुंदर लख दातारी,
करुणा का गागर,
सूरज चाँद सितारे तेरा,
नित्य करें गुणगान,
सबसे प्यारा सबसे न्यारा,
वो है मेरा श्याम।।



चोरी चोरी माखन खाए,

चितवन है चंचल,
भोला भाला नटखट भी है,
छाया है शीतल,
चरणों में ‘दीपक’ इनके ही,
मिलता है आराम,
सबसे प्यारा सबसे न्यारा,
वो है मेरा श्याम।।



जिसकी कृपा से रोशन है,

मेरी सुबहो शाम,
सबसे प्यारा सबसे न्यारा,
वो है मेरा श्याम।।

गायक – कुंवर दीपक।
8700018045


Published

Leave a comment

Your email address will not be published.