चिट्ठी ल्याई रे कोयलिया मन बसिया की भजन लिरिक्स

Bhajan Diary

चिट्ठी ल्याई रे कोयलिया,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे,
मन बसिया की रंग रसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।



जोग लिखी खाटू से भक्तो,

श्याम का आशीष बचियो जी,
याद सतावे म्हारे टाबर की,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।



कुशल मंगल मैं हूँ खाटू में,

थारो हाल बता दयो जी,
बेधड के बोलो बाता थारे मन की,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।



फगणियो आग्यो रे लाला,

मिलकर के रमझोल करा,
रंग उडावा मिलकर खेला होली,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।



बारह महिना बित्या रे लाला,

मिलबाने मन तरसे रे,
घडी रे घडी में म्हाने आवे हिचकी,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।



थारे रंग में मैं रंग जाऊ,

मेरे रंग थे रंग जाओ,
प्रेम की ओढा चादर एक रंग की,
FreeLyrics.in,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।



चिट्ठी ल्याई रे कोयलिया,

मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे,
मन बसिया की रंग रसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे,
चिट्ठी ल्याई रे कोयलियां,
मन बसिया की,
चिट्ठी ल्याई रे।।

स्वर – संजू शर्मा जी।
प्रेषक – निलेश मदन लालजी खंडेलवाल।
धामनगांव रेलवे – 9765438728


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