आजा बाबा दुखड़े में घिर के मैं हारा भजन लिरिक्स

Bhajan Diary

आजा बाबा दुखड़े में,
घिर के मैं हारा,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा,
आया तेरे दर पे जो,
आया तेरे दर पे जो,
तूने ही उबारा है उबारा,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा।।

तर्ज – चाँद जैसे मुखड़े पे।



दर दर मैंने ठोकर खाई,

कोई मिला ना सहारा,
पल पल ऐसे तड़पा जैसे,
माटी बिन जल धारा,
बिच भवर में भटकु बाबा,
बिच भवर में भटकु बाबा,
सूझे ना किनारा हो किनारा,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा।।



आज बड़ो की इस दुनिया में,

मैं बिलकुल छोटा,
मेरे अपनों ने ही मुझको,
लुटा और कचोटा,
दीनो की बिगड़ी को बाबा,
दीनो की बिगड़ी को बाबा,
तूने ही है संवारा है संवारा,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा।।



अब तो मेरी सुनले दाता,

ना ऐसे तरसाओ,
‘हर्ष’ खड़ा है हाथ पसारे,
ना ऐसे बिसराओ,
भक्तो का तुझसे ही बाबा,
भक्तो का तुझसे ही बाबा,
चलता गुजारा है गुजारा,
FreeLyrics.in,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा।।



आजा बाबा दुखड़े में,

घिर के मैं हारा,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा,
आया तेरे दर पे जो,
आया तेरे दर पे जो,
तूने ही उबारा है उबारा,
तू ही हारे का मेरे श्याम,
है सहारा है सहारा।।

Singer – Paritosh Mini


Published

Leave a comment

Your email address will not be published.